Panchayati Raj rajasthan india Background Constitutional Amendment act

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Background  and history of Panchayati Raj System rajasthan india

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We are disused the Panchayati Raj System in Hindi and English .First write in Hindi and then write in English bottom side in this post

In Hindi

panchayati raj system notes Gk
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भारत (india) में प्राचीन काल से ही पंचायती राज (Panchayati Raj system) नीति  की व्यवस्था रही हैं | first प्रथम बार प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा भारत में राजस्थान (rajasthan ) के नागौर जिले में 2 October 1959 को पंचायती राज का उद्घाटन किया गया।

पंचायती राज भारतीय संविधान की 11 वी अनुसूची मे उल्येख  है

भारतीय संविधान (Indian Constitution) के राज्य की नीति के निदेशक तत्व के अंतर्गत ग्राम पंचायतों (Gram Panchayat) के संगठन (Art.-40) की बात लिखी गयी है। Art.-40:- राज्य ग्राम पंचायतों (Gram Panchayat) का संगठन ( Organization ) करने के लिए कदम उठाएगा और उनको ऐसी शक्तियां (powers ) और प्राधिकार (authority) प्रदान करेगा जो उन्हें स्वायत्त शासन (Self-government ) की इकाइयों के रूप में कार्य करने योग्य बनाने के लिए आवश्यक हों। .

पंचायती राज ( Panchayati Raj ) संस्था से सम्बंधित समितियां :-

• बलवंत राय मेहता समिति (Committee) (1958)
• के संथानम आयोग (Committee) (1963)
• अशोक मेहता समिति (Committee) (1978)
• जी वी के राय समिति (Committee) (1985)
• एल एम सिंघवी समिति (Committee) (1986)
• पी के थुंगन समिति (Committee) (1988)

panchayati raj system
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73वां संविधान संशोधन (Constitution Amendment) अधिनियम, 1992

इस विधेयक को लोकसभा (Lok Sabha) द्वारा 22 दिसम्बर 1992 (December 22, 1992) को , राज्यसभा Rajya Sabha द्वारा 23 दिसम्बर 1992 को पारित (Pass) किया गया । इसके बाद 17 विधान सभाओं (Assemblies) द्वारा मान्यता दी गयी। राष्ट्रपति की स्वीकृति 20 अप्रैल 1993 April 20, 1993 को मिली। 24 अप्रैल 1993 April  से यह लागू  implemented हो गया।

इस अधिनियम ने पंचायती राज संस्थाओं (Panchayati Raj Institutions )(PRI) को एक संवैधानिक दर्जा दिया। संविधान में भाग – 9 (Art. 243A- 243 O)जोड़ा गया।

इस अधिनियम में एक नयी 11वीं अनुसूची Schedule भी जोड़ी गयी। जिसमें पंचायती राज Panchayati Raj संस्था के कार्यों का उल्लेख है। इसमें 29 विषय हैं।

प्रत्येक राज्य (Each state) में ग्राम (Village ), मध्यवर्ती ( intermediate ) और जिला स्तर (district level,) पर पंचायतों का गठन किया जायेगा। मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का उस राज्य में गठन नहीं किया जा सकेगा जिसकी जनसंख्या 20 लाख Population (20 Lac ) से अधिक नहीं है।

ग्राम स्तर पर किसी पंचायत (Panchayat) के अध्यक्ष का निर्वाचन ऐसी रीति से जो राज्य State के विधान मंडल द्वारा उपबंधित की जाय , किया जायेगा।

मध्यवर्ती स्तर या जिला स्तर (district level) पर किसी पंचायत (Panchayat) के अध्यक्ष का निर्वाचन , उसके निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से किया जायेगा।

आरक्षण की नीति बहुत विस्तृत है।

आरक्षण reservation की नीति बहुत विस्तृत है।
SC और ST के लिए आरक्षण ( reservation ) उनकी जनसंख्या (Population) के अनुपात में होगा।
SC और  ST के लिए आरक्षित स्थानों (Seats reserved) में से 1/3 आरक्षित प्रवर्ग की महिलाओं Women के लिए आरक्षित किये जायेंगे।
प्रत्येक पंचायत (Panchayat)  में प्रत्यक्ष निर्वाचन में भरे जाने वाले कुल स्थानों में से कम से कम 1/3 स्थान महिलाओ (Women ) के लिए आरक्षित ( reservation )  होंगे। ऐसे स्थान किसी पंचायत में भिन्न भिन्न (different – different ) निर्वाचन क्षेत्रों को चक्रानुक्रम (rotation) से आवंटित किये जा सकेंगे।
पिछड़े (backward ) हुए नागरिकों (citizens)के किसी वर्ग को आरक्षण ( reservation )  से सम्बंधित रीति राज्य के विधान मंडल बना सकते हैं।
संविधान संशोधन विधेयक , 110 में पंचायती (Panchayati raj) राज संस्थाओ  में महिलाओं (women) का आरक्षण कम से कम 50% करने का प्रावधान किया गया है। कई राज्यों ने महिला आरक्षण ( women reservation ) 50% कर भी दिया है।

पंचायतों की अवधि  ( Duration of Panchayats )

प्रत्येक पंचायत (Panchayat) अपने प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से पाँच वर्ष (five year) तक बनी रहेगी , इससे अधिक नहीं। पंचायत को विधि के अनुसार इसके पहले विघटित किया जा सकता है।
नयी पंचायत (New Panchayat) को गठित करने के लिए निर्वाचन विद्यमान पंचायत की अवधि के समाप्त होने के पहले कर लिया जायेगा।
यदि पंचायत  (Panchayat)  का विघटन हो जाता है तो निर्वाचन उसके विघटन की तारिख (Date) से 6 माह (6 month) के भीतर पूरा हो जाना चाहिए ।
विघटन के पश्चात् जो पंचायत (Panchayat) बनती है वह 5 वर्ष (5 year) की पूर्ण अवधि तक काम नहीं करती । वह शेष अवधि तक ही काम करेगी।
यदि शेष अवधि 6 माह (6 month)   से कम हो तो चुनाव नहीं होंगे।
राज्य का राज्यपाल प्रत्येक पाँच वर्ष (5 year) की समाप्ती पर एक वित्त आयोग का गठन करेगा । जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति का पुनर्विलोकन (Review) करेगा । इस पहल के द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि ग्रामीण स्थानीय शासन (Rural Local Government) को धन आवंटित करना राजनीतिक मसला न बने।
पंचायतों (Panchayat) के लिए कराये जाने वाले सभी निर्वाचनों के लिए निर्वाचन नामावली तैयार (ready) कराने का और उन सभी निर्वाचनों के संचालन (Operations) का अधीक्षण , निदेशन और नियंत्रण एक राज्य निर्वाचन आयोग में निहित होगा , जिसमे एक राज्य निर्वाचन आयुक्त (Election Commissioner) होगा , जो राज्यपाल (Governor) द्वारा नियुक्त किया जायेगा।

पंचायती राज संस्था से सम्बंधित Finance Commission वर्तमान विकास (current development) :

14वें वित्त  आयोग द्वारा दिए जाने वाली धनराशी और सुझाव (suggestions)

पंचायतों (Panchayat) के लिए 2,00,292.2 करोड़ रूपये अनुदान के रूप में दिए जायेंगे।
अनुदान का 90% मूल अनुदान (Grant) है जबकी अनुदान (Grant) का 10% कार्य निष्पादन अनुदान है।
खनन क्षेत्र से प्राप्त राजस्व में से कुछ धनराशी (Funds) पंचायती (Panchayat raj )राज संस्था को दिया जाये ।

प्रत्येक राज्य सरकार व्यवसायिक (Each state government business) कर जो वर्तमान समय (Time) में 2,500 रुपये है।इसे बढ़ा कर 12000 Rs रुपये करेगी। इसमे कुछ धनराशी स्थानीय शासन (Local government funds) इकाइयों(PRI & ULB) को दिया जाये।
केरल Kerala  और तमिलनाडु Tamil Nadu में यह पहले से हो रहा है।
केंद्र सरकार (central government) की सम्पत्ति पर राज्य सरकार कुछ शुल्क लगाएगी और इसका बंटवारा (The division) PRI & ULB में करेगी।
राज्य सरकार (central government) मनोरंजन कर में वृद्धि कर सकती है। इससे प्राप्त धनराशि (Funds) को PRI & ULB में वितरित करेगी।
भारत सरकार पंचायतों को इंटरनेट और कंप्यूटर (Internet and Computer) से जोड़ने का प्रयास कर रही है। 2015-16 के बजट में 7.5 लाख किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर ( optical Fibre) बिछाया जायेगा। जिसमे राज्यों की भागीदारी ली जायेगी। आंध्रप्रदेश पहला (AP first) राज्य है जिसको इस प्रोजेक्ट (Project) में भागीदार बनाया गया है।
न्यायिक पंचायत (Judicial panchayat) विधेयक 2010 के अंतर्गत पंच के द्वारा दिए गए निर्णय को कानूनी अधिकार (Legal rights) प्राप्त होगा।
ग्राम न्यायालय (Village Court) अधिनियम 2008 के अंतर्गत 2 अक्टूबर 2009 से प्रखंड स्तर पर ग्राम न्यायालय का गठन (Build) किया जा रहा है। जो सभी प्रकार के विवादों (Disputes) का निपटारा 6 माह के अंदर करेगा।
मणिशंकर समिति के रिपोर्ट पर भारत सरकार (Indian government) ने मई 2013 के बाद राष्ट्रिय पंचायत आयोग के गठन की प्रक्रिया प्रारम्भ की है। जिसका मुख्य कार्य पंचायत के तीनो स्तर के लिए योजना का निर्माण करना है और आपसी समन्वय को बढ़ावा देना है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस वर्ष राष्‍ट्रीय पंचायती राज (National PRI) दिवस ( 24 अप्रैल ) के अवसर पर एक सम्मेलन को सम्बोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंचायतों को पंचवर्षीय योजनाओं (Five Year Plans) की आदत डालनी चाहिए, सिर्फ बजट से गांव की स्थिति नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा कि गांवो में बच्चों का स्कूल छोड़ना चिंता (Leaving school anxiety) का कारण है और हमें गांव के स्तर पर सोचना (Think) होगा। इसलिए हर सप्ताह ‘ अपना गांव अपना विकास ‘ पर चर्चा (Discussion) हो। महात्मा गांधी को उद्धृत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत गांवों (Indian villages) में बसता है। हमें यह सोचने की जरूरत है कि हमारे गांवों का विकास कैसे हो।

 

In English 

Panchayati Raj Background  and history

Panchayati Raj  have been arranged policy since ancient times in India.First Prime Minister Jawaharlal Nehru was the opening of the (Panchayati Raj Institutions) PRI  in Nagaur district of Rajasthan in India 2 October 1959 .

In the 11th Schedule of the Indian Constitution is PRI. The Directive Principles of State Policy is written to under the Constitution of the Organization of village panchayats (Art.-40)

Panchayati Raj institution related committees :-

1) Balwant Rai Mehta Committee in (1958)

2) The Santhānama Commission in (1963)

3)  Ashok Mehta Committee in (1978)

4) G V K Roy Committee in (1985)

5)  L M Singhvi Committee in (1986)

6)  P’s Thuṅgana Committee in (1988)

 

The 73th Constitutional Amendment act, 1992

The Bill by 22 December 1992, in the ‘ Rajya Sabha’ by 23 December 1992 was passed. After 17, recognised by the legislative assemblies. Approved by the president on “20 April  1993 ” found. 24 since April 1993 this was implemented.

In every state and ” village level” , “Central District level ” of panchayats , “Intermediate level” of panchayat in the state constitution couldn’t whose population of 20 million is no more.

Question Panchayati Raj

Which is first State in India implemented the “Panchayati Raj System” ?

भारत में पहली बार राज्य ” पंचायती राज सिस्टम” लागू किया है ?

rajasthan (Nagaur )

Article 340 of the Indian Constitution deals with””

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 340 के साथ सौदों

Backward Classes Commission

Right to Information RTI is defined under

Section 2(j) of the Right to Information  RTI  Act, 2005

 

 

 

 

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