Rajasthan ‘s chhatris राजस्थान की प्रमुख छतरियाँ PART 1

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Rajasthan ‘s chhatris राजस्थान की प्रमुख छतरियाँ  PART 1

Royal families(रॉयल परिवारों) of erstwhile kingdoms have established cenotaphs or chhatris(छतरियों) over the course of many centuries. The chhatri (छतरियों) literally means an umbrella, and this design was incorporated(निगमित) to build these cenotaphs. Most of these chhatris(छतरियों) are designed as umbrellas (छतरियों)with four pillars in remembrance(स्मरण) of the great kings and queens(राजाओं एवं रानियों) who ruled their respective (संबंधित)kingdoms in their hay days. Chhatris (छतरियों)are tombs which do not contain the remains(बाकी है) of that person it is only constructed(निर्माण) as a tribute to their greatness. However, there are some exceptions(अपवादों) there are also some bigger(बड़ा) tombs that have been built near these chhatris (छतरियों)which contain the remains of some of these distinguished (विशिष्ट) royals. A trip to any of these cities mentioned(उल्लेख किया) below must encompass (धरना)a visit to these chhatris(छतरियों) as part of your itinerary(यात्रा कार्यक्रम).

 

 
 (1) एक खंभे की छतरी  = रणथंभौर (सवाई माधोपुर)
(2) 4 खंभों की छतरी      = श्रृंगार कंवरी की = चित्तौड़ दुर्ग में निर्माता:-राणा कुम्भा
(3) 4 खंभों की छतरी      = गोराधाय की = जोधपुर में
(4 6 खंभों की छतरी       = गोराधाय की  = जोधपुर
(5) 6 खम्बों की छतरी     = बंजारे की = लालसोट(दौसा)
(6) 8 खंभों की छतरी      = राणा सांगा की = मांडलगढ़(भीलवाड़ा) निर्माता = अशोक परमार
(7)  8 खंभों की छतरी     = राणा प्रताप की  = बड़ौली(उदयपुर)
नोट:- ये छतरी “केजड़ बाँध” के पास है।
(9) 8 खंभों की छतरी      = रैदास की = चित्तौड़ दुर्ग) इनके गुरु का नाम = रामदास
(10) 10 खंभों की छतरी  = मामा-भाँजा की  = मेहरानगढ़ दुर्ग (JDR)
Note:-मामा-भाँजा की मज़ार पल्लू(हनुमानगढ़) मामा-भाँजा का मंदिर अटरू(बाराँ)
(11)  12 खंभों की छतरी = पृथ्वीराज सिसोदिया की = कुंभलगढ़ दुर्ग (राजसमन्द)
(12) 16 खंभों की छतरी = अमर सिंह राठौड़ की  = नागौर दुर्ग
(13) 18 खंभों की छतरी = राजसिंह चम्पावत की = जोधपुर
(14) 20 खंभों की छतरी = अखेराज सिंघवी की = जोधपुर
(15) 32 खंभों की छतरी  = जैत्रसिंह की  = रणथंभौर दुर्ग  
उपनाम:-“न्याय की छतरी” निर्माता:-हम्मीर देव चौहान
नोट:-ये छतरी धौलपुर के लाल पत्थरों से बनी है।

(16)  32 खंभों की छतरी = जगन्नाथ कछवाहा की:-मांडलगढ़(भीलवाड़ा)
(17) 32 खंभों की छतरी = रानी सूर्य कंवरी कु:-जोधपुर
(18) 32 खंभों की छतरी =  बदनौर (भीलवाड़ा)
(19)  80 खंभों की छतरी = मुसी महारानी1की :-सरिस्का( अलवर) निर्माता:-विनयसिंह
 मंज़िल’-2
1 मंज़िल = लाल पत्थरों से निर्मित
2 मंज़िल = सफ़ेद संगममर
इस पर रामायण व महाभारत के चित्र अंकित है
(20)  84 खंभों की छतरी = मुसी रानी की =  बूंदी
(21) केसरबाग की छतरियाँ = बूंदी
(22) अकबर की छतरी:-भरतपुर मंज़िल = 2
नोट = इन मंज़िलों पर पशु-पक्षियों के चित्र उकेरे गए
(23)  84 कखंभों का मंदिर = श्रीनाथ मंदिर = बीकानेर निर्माता = महाराजा मानसिंह
(24) 1444 खंभों का मंदिर = रणकपुर जैन मंदिर = पाली निर्माता = सेठ धारणक शाह
शासनकाल = राणा कुम्भा के
शिल्पी = देपाक
(25) 84 खंभों की छतरी = धाबाई देवा की  = देवपुरा(बूंदी)
निर्माता = अनिरुद्ध

 

important chhatris
important chhatris

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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